संवादहीनता से जन्मे हैं यह नये शब्द
जिस ओर उजाला है
बस उस पथ जाएगें अब ये पद
है भोझल जो माहौल यहाँ का
अब उसको हल्का होना होगा
बेजान हुए इस आलम मे
अब प्राण वायु को घुलना होगा
ख़त्म हो रहे इस अध्याय मे
कुछ नये पत्रों को जुड़ना होगा
रहस्यमय हो रहे मेरे इस व्यक्तित्व के
अब कुछ राज़ो को खुलना होगा
पथरीली इन आखों मे
अब कुछ सपनो को सजना होगा
सूने इस दिल मे
किसी को दस्तक देना होगा
इतने लंबे इंतज़ार को
अब तो आख़िर मिटना होगा
सूखी हर डाली पर
अब नयी कलियों को खिलना होगा
संवादहीनता से जन्मे हैं यह नये शब्द
जिस ओर उजाला है
बस उस पथ जाएगें अब ये पद
जिस ओर उजाला है
बस उस पथ जाएगें अब ये पद
है भोझल जो माहौल यहाँ का
अब उसको हल्का होना होगा
बेजान हुए इस आलम मे
अब प्राण वायु को घुलना होगा
ख़त्म हो रहे इस अध्याय मे
कुछ नये पत्रों को जुड़ना होगा
रहस्यमय हो रहे मेरे इस व्यक्तित्व के
अब कुछ राज़ो को खुलना होगा
पथरीली इन आखों मे
अब कुछ सपनो को सजना होगा
सूने इस दिल मे
किसी को दस्तक देना होगा
इतने लंबे इंतज़ार को
अब तो आख़िर मिटना होगा
सूखी हर डाली पर
अब नयी कलियों को खिलना होगा
संवादहीनता से जन्मे हैं यह नये शब्द
जिस ओर उजाला है
बस उस पथ जाएगें अब ये पद


